
ज़िला मजिस्ट्रेट होशियारपुर कोमल मित्तल की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिले में धान की कटाई और पराली न जलाने को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश में उन्होंने ज़िले में पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। धान कटाई के मौजूदा सीजन को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि किसानों को मंडियों में होने वाली परेशानियों और पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश के अनुसार कुछ कंबाइन मशीनें रात के समय गीले धान की कटाई कर रही हैं, जिससे धान में नमी की मात्रा सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों से अधिक हो रही है। इससे खरीद एजेंसियां धान को खरीदने में असमर्थ हो जाती हैं, जिससे किसानों को मंडियों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए ज़िला मजिस्ट्रेट ने शाम 7:00 बजे से सुबह 10:00 बजे तक कंबाइन मशीनों से धान की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि धान की कटाई के बाद खेतों में बची पराली को जलाने की प्रथा से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पराली जलाने से न केवल प्रदूषण फैलता है, बल्कि जमीन के पोषक तत्वों को भी नुकसान पहुंचता है और आसपास के क्षेत्रों में आग लगने का खतरा भी रहता है।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी कंबाइन मशीनों में सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाना अनिवार्य किया है। बिना इस सिस्टम के कोई भी कंबाइन मशीन धान की कटाई नहीं कर सकेगी। इन निर्देशों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 19 नवंबर 2024 तक लागू रहेगा।